झूठ बोलने वाली मोबाइल मशीन
# मूलचंद्र गौतम
आदिकाल में जब फोन लैंड लाइन होते थे तो साहब एक आदमी उस पर सफेद झूठ बोलने के लिये तैनात रखते थे जो फालतू खोपड़ी चाटने वालों को मौके के मुताबिक निरंतर बताता रहता था कि साहब बाथरूम में हैं या पूजा कर रहे हैं।इससे साहब का रुतबा, रुआब बढ जाता था कि वे कितने व्यस्त और धार्मिक आदमी हैं।सतयुगी साहब की पूजा का सेशन भी तीन घंटे से कम नहीं होता था और उनके हाथ में बंधा हुआ मोटा कलावा और तिलक ईमानदारी की गारंटी।घूसदाताओं को साफ हिदायत थी कि वे परस्पर के शुभ लाभ हेतु फोन करने के बजाय सीधे मिलें।
अब उत्तर आधुनिक युग में जबसे फोन मोबाइल हुआ है तबसे झूठ बोलने का काम खुदबखुद यही करने लगा है।मोबाइल पर आदमी धडल्ले से झूठ बोलता है।होता कहीं है बताता कहीं है।इसी ने आदमी की कथनी और करनी में फर्क पैदा कर दिया है।जब बात करने का पैसा लगता था तब कम बातें होती थीं अब जिओ की कृपा से घंटों बकवास करते रहते हैं लोग।फालतू इंटरनेट पर चिपके रहते हैं।सोशल मीडिया तो हाइड पार्क हो गया है जहाँ हर किसी को हर तरह की आजादी है। इसने तमाम लाज लिहाज और रिश्ते नातों को तार तार कर दिया है।
अव्वल तो ज्यादातर सरकारी मोबाइल फोन बीएसएनएल के होते हैं जो लाख कोशिशों के बाद भी मिलकर नहीं देते या तरह-तरह की निरुत्साहित करने वाली आवाजें निकालकर फोन करने वाले का हौसला पस्त कर देते हैं ।फिर वह हार कर, झख मारकर मुकद्दर को कोस कर चुप बैठ जाता है ।बहुत क्रांतिकारी हुआ तो फोन को पटक पटक कर तोड डालता है - जा तेरी ऐसी की तैसी।
बाबा ने पहले ही घोषित कर दिया था कि कलिकाल में झूठ का ही साम्राज्य होगा।झुठइ लेना झूठइ देना ,झूठइ भोजन झूठ चबेना।जो कह झूठ मसखरी जाना कलियुग सोइ गुनवंत बखाना।ऊपर से नीचे तक सब झूठे,मक्कार और लबार ।कलियुग केवल नाम अधारा,सो सत्य केवल नाम में रह जायेगा।भले इंसानियत का राम नाम सत्य हो जाये और खुद राम जी चीखते चिल्लाते रहें मोहि कपट,छ्ल छिद्र न भावा ।इसलिए नाम जप ही मोक्ष की गारंटी होगा।राम जी विवश होंगे पापियों के उद्धार के लिये।इसीलिए आजकल पापियों में ही उनकी डिमांड ज्यादा है ।
मजे की बात यह है कि देश विदेश में झूठ के लिए अंग्रेजी सबसे ज्यादा मुफीद भाषा होगी।इसीलिए शिक्षा ,कानून और चिकित्सा का सारा कारोबार आज अंग्रेजी में है। शासक और शासित की भाषाओं में फर्क की वजह से दलालों का बोलबाला है।इसीलिए गांधीजी खुद बैरिस्टर होते हुए भी अंग्रेजीदाँ वकीलों और डाक्टरों को पसंद नहीं करते थे।हिंदी समेत भारतीय भाषाएँ अपने देसी चरित्र में न झूठ बोल सकती हैं ,न झेल सकतीं हैं ।इसलिए उनके सारे भाषी तथाकथित अंग्रेजी विकास और विकल्प की दौड़ में हमेशा के लिये पिछड़ चुके हैं।
फिर भी आंशिक सत्य की रक्षार्थ समर्पित योद्धाओं ने लाई डिटेक्टर उर्फ झूठ पकड़ने की मशीन ईजाद कर ली है भले ही पेशेवर झूठों पर वह कारगर न हो।सत्य और असत्य के बीच के सनातन संघर्ष की सच्चाई न सही ड्रामा तो चलते रहना चाहिए।तभी तो सत्यमेव जयते में जनता की आस्था बनी रहेगी भले पंच परमेश्वर न्यायमूर्ति बिकाऊ हों।यों भी ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती। ऐसे में भी अगर आप एक सिमधारी हैं तो कोई झूठ,फरेब आपको बचा नहीं सकता भले आपका फोन कोई सा भी हो ।आखिर मोबाइल की कीमत से मालिक की औकात पता चलती है।सर्विलांस से कॉल और व्हाट्सएप का रिकार्ड सैटेलाइट की तरह आपको पाताल से भी खोज लेगा।आधुनिक रक्तबीज सद्दाम और लादेन तक इससे नहीं बच पाये।आपका क्या होगा जनाबे आली?
# शक्ति नगर ,चन्दौसी ,संभल 244412
मोबाइल 9412322067
No comments:
Post a Comment