Friday, June 21, 2024

बर्लिन से-तीन

बर्लिन से-तीन 

कुत्ते, कबूतर और कौए

भारत में बहुसंख्यक कुत्तों की बड़ी बेकदरी है 
उन्हें हर जगह और तरह से दुरदुराया जाता है 
उनका नाम ही गाली है 
अस्सी करोड़ मुफ्त का राशन खाने वाले 
कुत्ते से सावधान करने वाले अमीरों की गिनती बहुत कम है 
वहाँ उनका स्टेटस और सिम्बल है 
जबकि जर्मनी में सब की बड़ी इज़्ज़त है 
विश्वविख्यात नस्लें 
सड़क छाप कोई नहीं 
सब घर के सम्मानित सदस्य 
गले में पट्टा 
पूरी साज सज्जा ,नाम धाम 
मॉल, बस,ट्रेन, ट्राम और मेट्रो में 
मालिक, मालकिन और बच्चों के साथ 
इज़्ज़त से घूमते, आइसक्रीम का स्वाद लेते 

 सफेद पट्टे वाली गर्दन फुलाकर गुटरगुं करते कबूतरों के पंख 
थोड़े सेठ टाइप मोटे ताजे 
यही हाल चिडियों, कौऔं का 
वही चिरपरिचित कांव कांव
लेकिन आवाज सेम टू सेम 
प्रकृति का कमाल 
 निविड़ खामोशी में गूँजता संगीत

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