बर्लिन से -एक
जर्मनी ने चुरा लिया था
हमारे वेदों का ज्ञान
और हो गये ज्ञानी
विज्ञान समेत सभी क्षेत्रों में गाड़ दिये
सफ़लता के झंडे
बना ली एक जीवन शैली, संपूर्ण व्यवस्था
डींगें चाहे कोई कितनी ही मार ले
लेकिन हम हो गये फिसड्डी
परम काहिल , आलसी
कामचोर, अराजक और ऊत
यह सत्य बिना जर्मनी जाये
समझा नहीं जा सकता
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