Friday, June 21, 2024

बर्लिन से-पांच

बर्लिन-पाँच 

काल गति और नियति 

काल गणना में भारत जर्मनी से 
लगभग तीन घण्टे पीछे है 
विश्व की इस तीसरी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ देने का इरादा 
काल गति और नियति को भी बदलना है 
मजबूत इच्छाशक्ति से यह मुमकिन है क्या?
असम्भव को सम्भव बनाने की कला 
इतनी आसान है क्या?बर्लिन-पाँच 

काल गति और नियति 

काल गणना में भारत जर्मनी से 
लगभग तीन घण्टे पीछे है 
विश्व की इस तीसरी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ देने का इरादा 
काल गति और नियति को भी बदलना है 
मजबूत इच्छाशक्ति से यह मुमकिन है क्या?
असम्भव को सम्भव बनाने की कला 
इतनी आसान है क्या?

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